जन जन का विकास

प्रगति और विकास के लिए महंगाई आवश्यक एवं लाभप्रद है मंहगाई के कारण से ही आज आमजन की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो वस्तुए दुर्लभ थी सहज सुलभ है मंहगाई अवरोध है कष्टदायी है इस मिथ्या भ्रम की स्थिति को समाप्त करे। मंहगाई के कारण ही हम प्रगति और विकास की ओर अग्रसर हो रहे है कृपया इसके समर्थन में अपने विचार बतायें एवं अपनी फोटो परिचय के साथ भेजें।

Friday, 24 April 2015

जिन रिश्तों का आप दम भरते हैं उनकी नजर में आपकी कीमत क्या है?

वही अच्छी पत्नी है जो शुचिपूर्ण है, पारंगत है, शुद्ध है, पति को प्रसन्न करने वाली है और सत्यवादी है।
जिस व्यक्ति के पुत्र नहीं है उसका घर उजाड़ है, जिसका कोई संबंधी नहीं है, उसकी सभी दिशाएं उजाड़ हैं। मूर्ख व्यक्ति का हृदय उजाड़ है, निर्धन व्यक्ति का सब कुछ उजाड़ है।
 
जिस आध्यात्मिक सीख का आचरण नहीं किया जाता वह जहर है, जिसका पेट खराब है उसके लिए भोजन जहर है। निर्धन व्यक्ति के लिए लोगों का किसी सामाजिक या व्यक्तिगत कार्यक्रम में एकत्र होना जहर है।
 
जिस व्यक्ति के पास धर्म और दया नहीं है उसे दूर करो, जिस गुरु के पास आध्यात्मिक ज्ञान नहीं है उसे दूर करो। जिस पत्नी के चेहरे पर हरदम घृणा है, उसे दूर करो, जिन रिश्तेदारों के पास प्रेम नहीं, उन्हें दूर करो।
 
सतत् भ्रमण करना व्यक्ति को बूढ़ा बना देता है, यदि घोड़े को हरदम बांध कर रखते हैं तो वह बूढ़ा हो जाता है। यदि स्त्री उसके पति के साथ प्रणय नहीं करती हो तो बूढ़ी हो जाती है, धूप में रखने से कपड़े पुराने हो जाते हैं।
 
एक नौकर की परीक्षा तब लें जब वह कर्तव्य का पालन न कर रहा हो, रिश्तेदार की परीक्षा तब लें जब आप मुसीबत में घिरे हों, मित्र की परीक्षा विपरीत परिस्थितियों में लें और जब आपका वक्त अच्छा न चल रहा हो तब पत्नी की परीक्षा लें। अच्छा मित्र वही है जो हमें निम्नलिखित परिस्थितियों में नहीं त्यागे आवश्यकता पडऩे पर कोई दुर्घटना होने पर जब अकाल पड़ा हो जब युद्ध चल रहा हो जब हमें राजा के दरबार में जाना पड़े और जब हमें श्मशानघाट जाना पड़े।

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