तंत्रिका तंत्र की अतिसंवेदनशीलता के कारण ही रीनाइटिस यानी एलर्जी की समस्या होती है। यह नसिका मार्ग की रेखा के अंदर संवेदनशील बलगम की झिल्ली द्वारा होने वाली प्रतिक्रिया के कारण बनता है। आयुर्वेद के उपचार के जरिये प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है जो लंबे समय के लिए स्थायी उपचार है। बदहजमी, धूल और धुएं में सांस लेने, बदलते मौसम में संतुलन न बना पाने, ठंड और सर्द मौसम के संपर्क में एक साथ आने, रात में जागने, यौन क्रियाओं में लिप्त रहने आदि के कारण मौसमी एलर्जी रिनाइटिस होती है। आयुर्वेद के अनुसार, टॉक्सिंस और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली एलर्जी का कारण बनते हैं। इसके उपचार के लिए औषधियों का प्रयोग किया जाता है। ये औषधियां कफ को शांत करती हैं, इनमें हैं - मुलेठी, वासा, पुष्कर मुल और कांटकारी का प्रयोग किया जाता है।
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