जन जन का विकास

प्रगति और विकास के लिए महंगाई आवश्यक एवं लाभप्रद है मंहगाई के कारण से ही आज आमजन की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो वस्तुए दुर्लभ थी सहज सुलभ है मंहगाई अवरोध है कष्टदायी है इस मिथ्या भ्रम की स्थिति को समाप्त करे। मंहगाई के कारण ही हम प्रगति और विकास की ओर अग्रसर हो रहे है कृपया इसके समर्थन में अपने विचार बतायें एवं अपनी फोटो परिचय के साथ भेजें।

Tuesday, 28 April 2015

तीन समाधान

जिस तरह कैंसर का निदान उसके स्रोत से किया जाता है, उसी तरह प्रदूषण का निपटारा भी उसके स्रोत पर ही किया जाना चाहिए। मल हो या कचरा.. दोनो को ढोकर ले जाना सिर्फ सामाजिक व नैतिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक पाप भी है। भूजल शोषण नियन्त्रण का उपाय भूजल स्रोतों का नियमन, लाइसेंसीकरण या रोक नहीं हो सकता।

हाँ! अकाल आदि आपदाकाल छोड़कर सामान्य दिनों में जलनिकासी की अधिकतम गहराई सीमित कर भूजल-शोषण कुछ हद तक नियन्त्रित अवश्य किया जा सकता है। ऐसा करने से स्थानीय उपभोक्ताओं को जलसंचयन के लिये भी कुछ हद तक बाध्य किया जा सकेगा।

किन्तु सभी प्रकार के शोषण रोकने का यदि कोई सबसे पहला और बुनियादी सिद्धान्त है, तो वह यह कि हम जिससे जितना लें, उसे उतना और वैसा वापस लौटाएँ। यह सिद्धान्त पानी पर भी पूरी तरह लागू होता है। अतिक्रमण रोकने के लिए जलसंरचनाओं का चिन्हीकरण और सीमांकन कर अधिसूचित करना एक सफल उपाय साबित हो सकता है।

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