जन जन का विकास

प्रगति और विकास के लिए महंगाई आवश्यक एवं लाभप्रद है मंहगाई के कारण से ही आज आमजन की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो वस्तुए दुर्लभ थी सहज सुलभ है मंहगाई अवरोध है कष्टदायी है इस मिथ्या भ्रम की स्थिति को समाप्त करे। मंहगाई के कारण ही हम प्रगति और विकास की ओर अग्रसर हो रहे है कृपया इसके समर्थन में अपने विचार बतायें एवं अपनी फोटो परिचय के साथ भेजें।

Wednesday, 29 April 2015

इन आदतों को छोड़े और स्ट्रेस से बचें

ऐसी कौन सी आदतें हैं जो स्ट्रेस लेवल को बढ़ाती है। इनसे कैसे बचें
धूम्रपान करने वाले अक्‍सर सोचते हैं कि धूम्रपान करने से उन्‍हें आराम मिलता है लेकिन असलियत इससे अलग है। शोधों के अनुसार स्‍मोकिंग तुरंत दिल की दर को बढ़ा देता है। ज्‍यादा काम करने से आपकी हेल्‍थ खराब हो सकती है। अगर काम की वजह से आपको तनाव हो जाए और फिर हार्ट अटैक हो जाए तो फिर आप ही बताइये कि इतना काम करने से आपको क्‍या फायदा होगा।आदत काम की वजह से अक्‍सर हमें समय पर खाना नसीब नहीं होता। इसलिये आप अधिकतर कुछ न कुछ गलत खा बैठते हैं। इससे न केवल वजन बढता है बल्कि स्‍ट्रेस का लेवल भी बढ जाता है।

देर से सोकर उठने से स्ट्रेस लेवल बढ़ने लगता है। अगर आप देर से सो कर उठेगें तो आपकी सुबह बरबाद हो जाएगी। पहले तो आप इस बात कि चिंता करेगें कि आप ऑफिस के लिये लेट हो जाएंगे, तो ऐसे में आप अपना ब्रेकफास्‍ट छोड़ देगे और जल्‍दी में ऑफिस जाएंगे। इस तरह से आप खुद को तनाव से भर देते हैं। कुछ लोग सोचते हैं कि उनका तनाव टीवी देखने से खत्म हो जाएगा। पर देर तक टीवी देखने से आप उसमें खो जाते हैं जिससे दिमाग को आराम नहीं मिल पाता और आप तनाव में आ जाते हैं। इसके बजाए कहीं बाहर टहलना ज्‍यादा बेहतर होता है।

अवसाद और इसके कारण

अवसाद क्या होता है और क्यों होता है?

मन उदास रहना, किसी भी काम में मन न लगना और हर काम को बोझ समझना व सिर में लगातार दर्द रहना अवसाद या डिप्रेशन कहलाता है। इसके परिवार के सदस्यों जैसे माता-पिता से बच्चों में आनुवांशिक रूप से इस रोग के होने की संभावना बहुत अधिक होती है। शोध-अनुसंधानों के अनुसार यह रोग मस्तिष्क में व्याप्त कुछ रासायनिक स्रोतों (जैसे सिरोटोनिन, जो हमें चैतन्य व खुशमिजाज रखने में सहायक है) की गंभीर रूप से कमी के चलते होता है। न्यूरोकेमिकल्स की कमी अनेक शारीरिक रोगों जैसे मधुमेह, कोलाइटिस, पार्किन्सन्स, थॉयरायड और स्ट्रोक आदि को प्रभावित करती हैं और ये अंतत: अवसाद को जन्म देते हैं।

जिंदगी के कई अहम पड़ाव जैसे-किसी नज़दीकी की मौत, नौकरी चले जाना या शादी का टूट जाना, आम तौर पर अवसाद की वजह बनते हैं। साथ ही अगर आपके मन में हर समय कुछ बुरा होने की आशंका रहती है तो इससे भी अवसाद में जाने का खतरा रहता है। हालांकी अवसाद रोग का कोई एक ज्ञात कारण नहीं है। फिर भी अवसाद के कारणों में आनुवंशिकता, बायोकेमिकल, वातावरण और मनोवैज्ञानिक संबंधी मिश्रित घटकों का समावेश होता है। अनेक शोधों के अनुसार अवसाद से संबंधित बीमारियां मस्तिष्क के विकार हैं। एम-आर-आई जैसी मस्तिष्क को जांचने की तकनीक यह बताती है कि अवसाद और तनाव से पीड़ित लोगों के दिमाग उन लोगों से अलग होते हैं, जो इस बीमारी से पीड़ित नहीं होते हैं।
जिंदगी के कई अहम पड़ाव जैसे-किसी नज़दीकी की मौत, नौकरी चले जाना या शादी का टूट जाना, आम तौर पर अवसाद की वजह बनते हैं। साथ ही अगर आपके मन में हर समय कुछ बुरा होने की आशंका रहती है तो इससे भी अवसाद में जाने का खतरा रहता है। हालांकी अवसाद रोग का कोई एक ज्ञात कारण नहीं है। फिर भी अवसाद के कारणों में आनुवंशिकता, बायोकेमिकल, वातावरण और मनोवैज्ञानिक संबंधी मिश्रित घटकों का समावेश होता है। अनेक शोधों के अनुसार अवसाद से संबंधित बीमारियां मस्तिष्क के विकार हैं। एम-आर-आई जैसी मस्तिष्क को जांचने की तकनीक यह बताती है कि अवसाद और तनाव से पीड़ित लोगों के दिमाग उन लोगों से अलग होते हैं, जो इस बीमारी से पीड़ित नहीं होते हैं। - See more at: http://www.onlymyhealth.com/health-questions-answers-hindi/why-depression-happens-in-hindi-30863#sthash.X5VjDECQ.dpuf
जिंदगी के कई अहम पड़ाव जैसे-किसी नज़दीकी की मौत, नौकरी चले जाना या शादी का टूट जाना, आम तौर पर अवसाद की वजह बनते हैं। साथ ही अगर आपके मन में हर समय कुछ बुरा होने की आशंका रहती है तो इससे भी अवसाद में जाने का खतरा रहता है। हालांकी अवसाद रोग का कोई एक ज्ञात कारण नहीं है। फिर भी अवसाद के कारणों में आनुवंशिकता, बायोकेमिकल, वातावरण और मनोवैज्ञानिक संबंधी मिश्रित घटकों का समावेश होता है। अनेक शोधों के अनुसार अवसाद से संबंधित बीमारियां मस्तिष्क के विकार हैं। एम-आर-आई जैसी मस्तिष्क को जांचने की तकनीक यह बताती है कि अवसाद और तनाव से पीड़ित लोगों के दिमाग उन लोगों से अलग होते हैं, जो इस बीमारी से पीड़ित नहीं होते हैं। - See more at: http://www.onlymyhealth.com/health-questions-answers-hindi/why-depression-happens-in-hindi-30863#sthash.X5VjDECQ.dpuf

तनाव मुक्ति के लिए क्या करें?

आजकल मुझे काफी तनाव रहने लगा है। क्या करूं की तनाव कम हो?

महोदय दिमाग को शांत व स्वस्थ रखने के लिए सोच का सकारात्मक होना बहुत जरूरी है। जब भी कोई नकारात्मक सोच या विचार आए तो जीवन के खुशी भरे पलों को याद करे। की दोस्त व साथी सकारत्मक सोच वाले बनानेके कोशिश करें। अपने आप को सकारात्मक कल्पना करनें के लिए आजाद करें। जीवन की हर छोटा बड़ी खुशी को जीयें और अपने प्रीयजनों के साथ बांटें।

कभी कभी काम के चलते आप पूरी नींद नहीं ले पाते हैं। तनाव मुक्त रहने के लिए स्वस्थ शरीर और शांत मन की ही जरूरत होती है। पूरी नींद और पौष्टिक आहार लिये बिना आप तनाव मुक्त नहीं रह सकते। इसलिए शरीर की जरूरत के अनुसार नींद व पोषक तत्व लें, न कम न ज्यादा। अच्छी तरह से खाएं। व्यायाम करें ताकि शरीर में हर कोशिका में ऑक्सीजन पहुंचे और मस्तिष्क और शरीर को अच्छे से काम कर सकें।

नींद न आने के क्या कारण हैं?

मुझे ठीक से नींद नहीं आती। ऐसा क्यों होता है? और नींद ना आने के कारणों के बारे में भी जानकारी प्रदान करें?

चिंता, अवसाद और डिप्रेशन नींद न आने की एक बड़ी वजह है। डिप्रेशन और नकारात्मक सोच के कारण भी नींद नहीं आती है। मानसिक और भावनात्मक असुरक्षा भी अनिद्रा की एक बड़ी वजह है। ऐसे में समय पर सोने और जागने की आदत डालें। चिंता और अवसाद को अपने आसपास फटकने न दें। अच्छे दोस्त बनाएं। अकेलेपन से दूर रहें। रात को ये टेंशन लेकर न सोएं कि अभी ये काम करना तो बाकी रह गया।

नींद ना आना अर्थात अनिद्रा के लक्षण समय के साथ बदलते रहते हैं। चिकित्सा विज्ञान में अनिद्रा या इनसोम्निया को दो श्रेणियों में विभक्त किया गया है। यदि दो सप्ताह से यह शिकायत हो रही है तो इसे शार्ट टर्म इनसोम्निया या ट्रांजिट इनसोम्निया कहते हैं। जब यही शिकायत महीनों पुरानी होती है, तब इसमें क्रोनिक इनसोम्निया कहते हैं। थोड़े दिनों के लिए होने वाली अनिद्रा मुख्यत: मानसिक तनाव की वजह से होती है। जैसे, परिवार में किसी अप्रिय घटना, शारीरिक दर्द या फिर लंबी यात्रा के कारण कई-कई दिनों तक नींद नहीं आती। अनिंद्रा से बचने के लिए प्रतिदिन मालिश करना शुरू करें। रात को पांव धोना न भूलें। पांव पोंछकर तेल भी लगाएं। सिर में तेल की मालिश सोने से पूर्व करना ठीक रहेगा।

नींद ना आना अर्थात अनिद्रा के लक्षण समय के साथ बदलते रहते हैं। चिकित्सा विज्ञान में अनिद्रा या इनसोम्निया को दो श्रेणियों में विभक्त किया गया है। यदि दो सप्ताह से यह शिकायत हो रही है तो इसे शार्ट टर्म इनसोम्निया या ट्रांजिट इनसोम्निया कहते हैं। जब यही शिकायत महीनों पुरानी होती है, तब इसमें क्रोनिक इनसोम्निया कहते हैं। थोड़े दिनों के लिए होने वाली अनिद्रा मुख्यत: मानसिक तनाव की वजह से होती है। जैसे, परिवार में किसी अप्रिय घटना, शारीरिक दर्द या फिर लंबी यात्रा के कारण कई-कई दिनों तक नींद नहीं आती। अनिंद्रा से बचने के लिए प्रतिदिन मालिश करना शुरू करें। रात को पांव धोना न भूलें। पांव पोंछकर तेल भी लगाएं। सिर में तेल की मालिश सोने से पूर्व करना ठीक रहेगा। - See more at: http://www.onlymyhealth.com/health-questions-answers-hindi/what-is-insomnia-in-hindi-31247#sthash.a9jTd8aK.dpuf

दाढ़ी में बाल न आने की समस्‍या?


मेरी उम्र 35 साल है मेरी समस्या यह है कि अभी तक मेरे दाढ़ी में बाल नही रहे है। प्लीज आप मेरी इस समस्या के लिए कोई उपाय बताये?



मैं आपकी समस्या को समझ सकता हूं। कभी कभी दाढ़ी निकलने में थोड़ा समय लग जाता है। परेशान हों प्राकृतिक रूप से घनी दाढ़ी पाने के लिये शेविंग एक अच्छा उपाय है। अगर आपके दाढी के बालों का विकास धीमी रफ्तार से हो रहा है तो बेहतर होगा कि एक सप्ताह में तीन बार शेविंग करें। इसके अतिरिक्त उल्टी दिशा में शेविंग करना ज्यादा असरदार होगा। इस तरह शेविंग करने से आपके बालों का विकास भी तेजी से होगा और आप जल्दी घनी दाढ़ी पा सकेंगे

ड्राईनस की समस्‍या के लिए कौन से घरेलू उपचार अपनाने चाहिए?



मेरी उम्र 25 साल है, मेरी समस्या यह है कि मौसम में परिवर्तन के कारण मेरी बॉडी का नेचुरत ऑयल कम होने लगता है। जिससे मेरी त्वचा ड्राई हो जाती है और त्वचा, होठों और बालों में डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है। प्लीज आप इसके लिए कोई घरेलू उपचार बता दें

मौसम में बदलाव के समय आपको ऐसे उपाय अपनाने चाहिए जो आपकी त्वचा को तारोताजा और स्वस् रख सकें। ऐसे में ऑलिव ऑयल आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। हाथों को सॉफ्ट बनाने के लिए ऑलिव ऑयल से मसाज करें। अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो एक अंडे को ऑलिव ऑयल में मिलाकर चेहरे पर लगाएं। बालों में डैंड्रफ की समस्या से बचने के लिए जैतून के तेल को गर्म करें और रुई से सिर पर लगाएं। हल्के हाथों से 5 मिनट मलें। जमा डैंड्रफ बालों से निकल जाएगी। हार्ड स्किन जैसे, घुटनों, कोहनियों और फटे होंठों को ठीक रखने के लिए इस तेल की मसाज फायदेमंद होती है