जन जन का विकास

प्रगति और विकास के लिए महंगाई आवश्यक एवं लाभप्रद है मंहगाई के कारण से ही आज आमजन की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो वस्तुए दुर्लभ थी सहज सुलभ है मंहगाई अवरोध है कष्टदायी है इस मिथ्या भ्रम की स्थिति को समाप्त करे। मंहगाई के कारण ही हम प्रगति और विकास की ओर अग्रसर हो रहे है कृपया इसके समर्थन में अपने विचार बतायें एवं अपनी फोटो परिचय के साथ भेजें।

Friday, 24 April 2015

विद्या अर्जन करना एक कामधेनु के समान

निम्नलिखित बातें माता के गर्भ में ही निश्चित की जाती हैं :
1. व्यक्ति कितने साल जिएगा, 2. वह किस प्रकार का काम करेगा, 3. उसके पास कितनी सम्पत्ति होगी, 4. उसकी मृत्यु कब होगी।
* पुत्र, मित्र, सगे-संबंधी साधुओं को देखकर दूर भागते हैं लेकिन जो लोग साधुओं का अनुसरण करते हैं उनमें भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है।
* जैसे मछली दृष्टि से, कछुआ ध्यान देकर और पंछी स्पर्श करके अपने बच्चों को पालते हैं, वैसे ही संतजन पुरुषों की संगति मनुष्य का पालन-पोषण करती है।
* जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता है।
* विद्या अर्जन करना यह एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है, वह विदेश में माता के समान रक्षक एवं हितकारी होती है, इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है।
* सैंकड़ों गुणरहित पुत्रों से अच्छा एक गुणी पुत्र है क्योंकि एक चंद्रमा ही रात्रि के अंधकार को भगाता है, असंख्य तारे यह काम नहीं करते।
* एक बुद्धिमान व्यक्ति को किसी इज्जतदार घर की अविवाहित कन्या के विकृत होने के बावजूद भी विवाह करना चाहिए। उसे किसी हीन घर की अत्यंत सुन्दर स्त्री से भी विवाह नहीं करना चाहिए। शादी-विवाह हमेशा बराबरी के घरों में ही उचित होता है।

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