जन जन का विकास

प्रगति और विकास के लिए महंगाई आवश्यक एवं लाभप्रद है मंहगाई के कारण से ही आज आमजन की क्रय शक्ति बढ़ी है, जो वस्तुए दुर्लभ थी सहज सुलभ है मंहगाई अवरोध है कष्टदायी है इस मिथ्या भ्रम की स्थिति को समाप्त करे। मंहगाई के कारण ही हम प्रगति और विकास की ओर अग्रसर हो रहे है कृपया इसके समर्थन में अपने विचार बतायें एवं अपनी फोटो परिचय के साथ भेजें।

Tuesday, 5 May 2015

अपने लिए आप ही जिम्मेदार हैं जनाब!

सच यह है कि आपके जीवन के लिए आपके सिवा और कोई जिम्मेदार नहीं हो सकता है। अपनी सेहत, अपनी खुशियों, करियर में प्रगति, वित्तीय सुरक्षा, रिश्तों में सकारात्मकता, समय के सदुपयोग और मन की शांति आदि के लिए आप ही जिम्मेदार हैं। जिस दिन आप यह समझ लेंगे, उसी दिन से अपने जीवन में प्रगति की ओर आपके कदम खुद-ब-खुद ही बढ़ जाएंगे। याद रखिए कि आज आप जिन स्थितियों का अनुभव कर रहे हैं, वे सब अतीत में आपने ही चनी थीं। इसमें दूसरों की राय पर आगे बढना भी शामिल  हो सकता है। अगर आप बेहतर परिणाम चाहते हैं, तो आज से ही बेहतर चयन करना सीख लें।
अगर अपको लगता है कि जीवन या कोई स्थिति अपने-आप ही बेहतर में बदलेगी, तो निश्चित मानिए कि आपको निराशा ही हाथ लगेगी। आपको खुद इसके लिए कुछ करना होगा। इसीलिए अपने जीवन में बदलाव लाने की जिम्मेदारी लें। पूरी जिम्मेदारी। अपने जीवन के खुद मालिक बनें। उसका खाका खुद तैयार करें, ताकि वह आपके सपनों, लक्ष्यों और आकांक्षाओं का आईना बन सकें। इसके लिए आज से ही इन तीन बातों को अपनाएं...
दूसरों को दोष देना आज से बंद
बचपन से ही आप अपनी खामियों के लिए किसी दूसरे को दोष देते आए हैं। हालांकि अपने माता-पिता, टीचर, सहकर्मियों, अधिकारियों, सरकार, मौसम किस्मत, सितारे, ग्रह और कुंडली जैसी चीजों पर दोष मढ़कर आपको मिला कुछ नहीं। और न ही कभी मिल सकता है। इन पर आपका नियंत्रण है क्या? आप उस पर ध्यान लगाएं, जिस पर आपका नियंत्रण है- वह हैं आप स्वयं।
अब बस भी करो बहानें
हर बार जब आप किसी असमर्थता के लिए कोई बहाना लगाते हैं, बेहतरी का एक मौका गंवा रहे होते हैं। साथ ही आप एक ढीले-ढीले या अव्यावसायिक नजरिए वाले व्यक्ति की छवि अपने लिए गढ़ते हैं। अधिकतर लोग बहाने इसलिए गढ़ते हैं, क्योंकि उन्हें असफल होने से डर लगता है। पर अगर इस डर का सामना करें तो असफल होने से डर बंद हो जाएगा। आसान स्थितियों के बजाय अपने लिए कुछ चुनौतीपूर्ण चुनने की हिम्मत बंधेगी। जैसे ही आप कुछ चुनौतीपूर्ण अपने हाथ में लेंगे, आपका खुद पर तो विश्वास बढ़ेगा ही, दूसरे भी आप पर विश्वास करेेंगे। इस तरह नए अवसर आप तक पहुंचेंगे।
शिकायत क्यों और किससे?
सच मानिए कि शिकायती शख्सियतें किसी को पसंद नहीं आतीं। शिकायत करने से आपकी और दूसरों की शक्ति भी जाया होती है। यह सच है कि कभी-कभी अपने आक्रोश को अभिव्यक्त करने का मन जरूर करता है। इसके बारे में बात करना एक स्वस्थ तरीका है। या फिर इसकी चर्चा करके इसमें सुधार करने वाले बिंदुओं को पहचानकर उस दिशा में कुछ करना बहुत फायदेमंद है। पर हर वक्त शिकायत करते रहकर आप एक पीडि़त की छवि तैयार करते हैं।
मैंने देखा है कि लोग जैसे ही अपने कर्मों और जीवन की जिम्मेदारी खुद लेना शुरू करते हैं, वे बहुत ऊर्जावान हो जाते हैं, उनमें प्रेरणात्मक नजरिया बढ़ जाता है और संकल्प की दृढ़ता भी बढ़ती है। इसीलिए आज से ही अगले तीस दिनों का लक्ष्य यह बनाएं कि आप किसी को दोष नहीं देंगे, शिकायत नहीं करेंगे और बहाने नहीं बनाएंगे। जब आप अपनी जिम्मेदारी लेना शुरू करेंगे, तो आपको ये सात अनुभव जरूर होंगेरू-
१. आजादी का आनंद रू अपने जीवन में खड़ी चुनौतियों के कारणों और उनके समाधान की खोज जब आप अपने अंदर करेंगे तो आपको एक अलग ही आजादी का अनुभव होगा। आपको महसूस होगा कि आप सोच-समझकर खुद का जीवन खुद ही संवार सकने में समर्थ हैं।
२. स्थायी प्रेरणा रू कठिन समय का सामना करने के लिए हम सबको प्रेरणा की जरूरत होती है। जब आप खुद के भीतर देखते हुए जीना शुरू करेंगे, जब आपको प्रेरणा का कभी खत्म न होने वाला स्त्रोत मिल जाएगा। अंतर्मन से उठने वाली प्रेरणा से जीवन उत्साह और आनंद से भर जाएगा।
३. बेहतर नियंत्रण रू जब आप अपने जीवन की कमान खुद संभालेंगे तो खुद का चयन होगा, खुद के चुने हुए कर्म होंगे, खुद के सीचे निर्णय होंगे। और इन सबसे आप खुद को ज्यादा सामथ्र्यवान और नियंत्रण में अनुभव करेंगे।
४. निजी शक्ति रू यह अनुभव सकारात्मकता का होगा। यह वह भावना है, जिसमें आपको अपने विकास, पालन-पोषण आदि के लिए स्वयं के संपूर्ण होने का एहसास होता है। यह भावना लक्ष्य तक पहुंचाने में ईधन का काम करती है।
५. नयेपन का आगाज रू जब आप मन से शांत होते हैं, आजाद होते हैं और नए विचारों के लिए मन खुला रखे होते हैं, तो जीवन में कई श्अरे वाह्य कहने वाले मौके आते हैं। खुद की जिम्मेदारी खुद लेने की प्रक्रिया में हर दिन आपका अपनी रचनात्मकता के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है।
६. नजरिए का विस्तार रू अब तक आपको अपने अनुभवों की सीखों से ही काम लेना आता है, जबकि कई अन्य तरीके भी संसार से भरे पड़े हैं। जब आप उनके प्रति खुलेंगे तो सोच का दायरा भी बढ़ेगा।
७. मन की शांति रू यह तो हर किसी को चाहिए। जब आप शिकायत व बहानों का सहारा लेते हैं तो नकारात्मकता से खुद को जला रहे होते हैं।
इससे उलझनें बढ़ती हैं। जब खुद की जिम्मेदारी खुद लेना शुरू करते हैं, तो श्क्या हुआ, किसने किया्य जैसे प्रश्नों में फंसने के बजाय श्आगे क्या करना है्य सोचते हैं।
कुछ बातों पर विचार करें
२ अगर आप शिकायत करना या बहाने बनाना छोड़ दें तो अपने बारे में क्या राय बनेगी और कैसा महसूस होगा?
      -आगामी अंक में जारी....
२ अपने जीवन की हर चीज के लिए खुद जिम्मेदारी लेने पर क्या होगा? इससे आपको फायदा कैसे होगा?
२ इस आदत को विकसित करने और उसे बनाए रखने के लिए आपको क्या करना होगा?

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