ककन्फ्यूशियस के समय चीन बड़े उतार-चढ़ाव से गुजर रहा था। सभी के मन में अराजकता और रक्तपात का भय समाने लगा। सरकार का एक नुमाइंदा ऐसे माहौल में कन्फ्यूशियस को ढूंढ़ने लगा। उसने कन्फ्यूशियस को एक पेड़ के नीचे ध्यानमग्न देखा। उसने कहा, 'इस विकट समय में आपका मार्गदर्शन चाहिए। आप सरकार की सहायता करें, वरना यह देश बिखर जाएगा।
कन्फ्यूशियस यह सुनकर कुछ बोले नहीं, मुस्कुरा दिए। वह व्यक्ति बोला, 'आपने हमें हमेशा कर्म करने की ही शिक्षा दी है, आपने ही हमें देश और दुनिया के प्रति हमारे कर्तव्य बताए हैं। आप इसे बचाने के लिए कुछ करें।Ó
कन्फ्यूशियस ने कहा, 'मैं देश के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। उसके बाद मैं मोहल्ले के व्यक्तियों की मदद करने के लिए जाऊंगा। अपनी सीमाओं और परिवेश के भीतर रहकर जरूरी काम करके हम सभी का हित कर सकते हैं। यदि हम दुनिया को बचाने के उपाय ही खोजते रहेंगे तो हमारे हाथ कुछ नहीं आएगा। राजनीति से सम्बद्ध होने के बहुत से तरीके हैं, उसके लिए मुझे सरकार का अंग बनने की आवश्यकता नहीं है।Ó
कथा मर्म : छोटे-छोटे काम ही देश-दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इसके लिए बड़ा सोचना कतई जरूरी नहीं।हा, 'इस विकट समय में आपका मार्गदर्शन चाहिए। आप सरकार की सहायता करें, वरना यह देश बिखर जाएगा।
कन्फ्यूशियस यह सुनकर कुछ बोले नहीं, मुस्कुरा दिए। वह व्यक्ति बोला, 'आपने हमें हमेशा कर्म करने की ही शिक्षा दी है, आपने ही हमें देश और दुनिया के प्रति हमारे कर्तव्य बताए हैं। आप इसे बचाने के लिए कुछ करें।Ó
कन्फ्यूशियस ने कहा, 'मैं देश के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। उसके बाद मैं मोहल्ले के व्यक्तियों की मदद करने के लिए जाऊंगा। अपनी सीमाओं और परिवेश के भीतर रहकर जरूरी काम करके हम सभी का हित कर सकते हैं। यदि हम दुनिया को बचाने के उपाय ही खोजते रहेंगे तो हमारे हाथ कुछ नहीं आएगा। राजनीति से सम्बद्ध होने के बहुत से तरीके हैं, उसके लिए मुझे सरकार का अंग बनने की आवश्यकता नहीं है।Ó
कथा मर्म : छोटे-छोटे काम ही देश-दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इसके लिए बड़ा सोचना कतई जरूरी नहीं।
कन्फ्यूशियस यह सुनकर कुछ बोले नहीं, मुस्कुरा दिए। वह व्यक्ति बोला, 'आपने हमें हमेशा कर्म करने की ही शिक्षा दी है, आपने ही हमें देश और दुनिया के प्रति हमारे कर्तव्य बताए हैं। आप इसे बचाने के लिए कुछ करें।Ó
कन्फ्यूशियस ने कहा, 'मैं देश के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। उसके बाद मैं मोहल्ले के व्यक्तियों की मदद करने के लिए जाऊंगा। अपनी सीमाओं और परिवेश के भीतर रहकर जरूरी काम करके हम सभी का हित कर सकते हैं। यदि हम दुनिया को बचाने के उपाय ही खोजते रहेंगे तो हमारे हाथ कुछ नहीं आएगा। राजनीति से सम्बद्ध होने के बहुत से तरीके हैं, उसके लिए मुझे सरकार का अंग बनने की आवश्यकता नहीं है।Ó
कथा मर्म : छोटे-छोटे काम ही देश-दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इसके लिए बड़ा सोचना कतई जरूरी नहीं।हा, 'इस विकट समय में आपका मार्गदर्शन चाहिए। आप सरकार की सहायता करें, वरना यह देश बिखर जाएगा।
कन्फ्यूशियस यह सुनकर कुछ बोले नहीं, मुस्कुरा दिए। वह व्यक्ति बोला, 'आपने हमें हमेशा कर्म करने की ही शिक्षा दी है, आपने ही हमें देश और दुनिया के प्रति हमारे कर्तव्य बताए हैं। आप इसे बचाने के लिए कुछ करें।Ó
कन्फ्यूशियस ने कहा, 'मैं देश के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। उसके बाद मैं मोहल्ले के व्यक्तियों की मदद करने के लिए जाऊंगा। अपनी सीमाओं और परिवेश के भीतर रहकर जरूरी काम करके हम सभी का हित कर सकते हैं। यदि हम दुनिया को बचाने के उपाय ही खोजते रहेंगे तो हमारे हाथ कुछ नहीं आएगा। राजनीति से सम्बद्ध होने के बहुत से तरीके हैं, उसके लिए मुझे सरकार का अंग बनने की आवश्यकता नहीं है।Ó
कथा मर्म : छोटे-छोटे काम ही देश-दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इसके लिए बड़ा सोचना कतई जरूरी नहीं।
No comments:
Post a Comment