आम-आदमी के जोश-जनून में नही है कोई शंका।
दिल्ली में आम-आदमी पार्टी का खूब बज रहा डंका।।
आम-आदमी की ताकत को, जो नेता थे गये भूल।
आम-आदमी के साहस ने उन्हे दय बार चटा दी धूल।।
गली-मुहल्लो-चैराहो पर आम आदमी की चर्चा सर्वत्र।
आम आदमी ने रच दिया, इतिहास एक विचित्र।।
आम-आदमी ही माध्यम, चुनाव में जीत-हार का।
कोरे आश्वासन झूठे वादो, के मृदुल व्यवहार का।।
लेकिन आम-आदमी का सवाल, सवाल ही रह जाता।
नेताओ से उसका, क्यो नही उत्तर भी बन पाता।।
आश्वासन के कटघरे में, खड़ा हुआ आम आदमी।
अपनी जायज मागों पर, अड़ा हुआ आम आदमी।।
अक्सर हर रोज, अपना बयान जाहिर करता है।
अपने अधिकारो की, मांग करने से नही डरता है।।
दिल्ली के मुख्यमंत्री, अब अपना कर्तव्य निभायेगे।
दिल्ली वासियो की, सभी समस्याओ को निपटायेगे।।
आमजन को मिलेगा, समय पर बिजली व पानी।
प्रशासनिक अधिकारी, नही कर पायेगे मन मानी।।
व्यवस्था-सुधारने को, तत्पर हुए है केजरीवाल।
जन लोकपाल बिल पर भी, अमल होगा तत्काल।।
स्वच्छ दिल्ली-स्वस्थ दिल्ली के साथ हो प्रशासन का सुधार।
अपराध-नियंत्रण के लिए, कमर कसे अब दिल्ली सरकार।।
आम-आदमी पार्टी को यदि अब आगे बढना है।
आम-आदमी की आंकाक्षाओ पर खरा उतरना है।।
सुशासन कैसे लाये, आम आदमी पार्टी को चुनौती है।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि सेवक, जनता शासक होती है।।
दिल्ली में आम-आदमी पार्टी का खूब बज रहा डंका।।
आम-आदमी की ताकत को, जो नेता थे गये भूल।
आम-आदमी के साहस ने उन्हे दय बार चटा दी धूल।।
गली-मुहल्लो-चैराहो पर आम आदमी की चर्चा सर्वत्र।
आम आदमी ने रच दिया, इतिहास एक विचित्र।।
आम-आदमी ही माध्यम, चुनाव में जीत-हार का।
कोरे आश्वासन झूठे वादो, के मृदुल व्यवहार का।।
लेकिन आम-आदमी का सवाल, सवाल ही रह जाता।
नेताओ से उसका, क्यो नही उत्तर भी बन पाता।।
आश्वासन के कटघरे में, खड़ा हुआ आम आदमी।
अपनी जायज मागों पर, अड़ा हुआ आम आदमी।।
अक्सर हर रोज, अपना बयान जाहिर करता है।
अपने अधिकारो की, मांग करने से नही डरता है।।
दिल्ली के मुख्यमंत्री, अब अपना कर्तव्य निभायेगे।
दिल्ली वासियो की, सभी समस्याओ को निपटायेगे।।
आमजन को मिलेगा, समय पर बिजली व पानी।
प्रशासनिक अधिकारी, नही कर पायेगे मन मानी।।
व्यवस्था-सुधारने को, तत्पर हुए है केजरीवाल।
जन लोकपाल बिल पर भी, अमल होगा तत्काल।।
स्वच्छ दिल्ली-स्वस्थ दिल्ली के साथ हो प्रशासन का सुधार।
अपराध-नियंत्रण के लिए, कमर कसे अब दिल्ली सरकार।।
आम-आदमी पार्टी को यदि अब आगे बढना है।
आम-आदमी की आंकाक्षाओ पर खरा उतरना है।।
सुशासन कैसे लाये, आम आदमी पार्टी को चुनौती है।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि सेवक, जनता शासक होती है।।
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